
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि अज्ञात आतंकवादी, जिनके लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी)/द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से जुड़े होने का संदेह है, 22 अप्रैल, 2024 को राजौरी के थानामंडी के कुंडा में मोहम्मद रजाक के आवास में जबरन घुस गए और अंधाधुंध गोलीबारी की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रज्जाक के भाई, ताहिर खुर्शीद उर्फ ताहिर फौजी, प्रादेशिक सेना के जवान, हमले में घायल हो गए।
जांच से पता चला कि पुंछ जिले के खाबलवाली के मूल निवासी सबर हुसैन ने जून के अंत और जुलाई, 2024 की शुरुआत में चमरेर में अपनी मौसमी झोपड़ी में आतंकी हत्या में शामिल तीन लश्कर/टीआरएफ आतंकवादियों को आश्रय, भोजन और रसद सहायता प्रदान की थी। प्रवक्ता ने कहा, “प्रथम दृष्टया, आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत अपराध स्थापित किया गया है।”
रजाक के पिता मोहम्मद अकबर, जो समाज कल्याण विभाग में काम करते थे, की भी 20 साल पहले 13 मार्च 2004 को उसी गांव में आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। रजाक को सरकार ने अनुकंपा के आधार पर उसी विभाग में नौकरी दी थी.